लाइक्स | #NaPoWriMo 2018 | Day 14

एक एक फूल कर क्यारी को धीमे सजाया
मिट्टी की सौंधी महक छिड़क बर्तन बनाया
फिर नजाने क्यों दिल किया बाँटु खुशियां
क्लिक करि पिक उसपर रख कर बालियां
कर दिया अपलोड फिर बड़े दिलो के साथ
बहुत सारे लाइक्स आये, फिर हुई सुप्रभात
मैसेज में मिली मुझे आलोचना की फुलवारी
सिखाई सेन्डर ने छोटी छोटी बारीकियां सारी
तब आया समझ की सीखना होता हे मुश्किल
ख़ासकर अगर करने हो सिर्फ लाइक्स हासिल
आज भी अपलोड ज़रूर करती हूँ झटपट पिक्स
पर याद रहता वैल्यू नहीं होती लाइक्स से फिक्स

Sorry for errors in Matras, if any.

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